भागलपुर | 11 अप्रैल 2026
Dr. Nawal Kishor Choudhary की अध्यक्षता में भागलपुर टाउन हॉल में सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के संचालक, प्रबंधक
भागलपुर | 11 अप्रैल 2026
Dr. Nawal Kishor Choudhary की अध्यक्षता में भागलपुर टाउन हॉल में सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के संचालक, प्रबंधक एवं प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बिहार की शैक्षणिक राजधानी कहे जाने वाले भागलपुर में नए सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन अब सख्त एक्शन मोड में आ गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी री-एडमिशन के नाम पर भारी शुल्क वसूली और चुनिंदा दुकानों से महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई थीं।
जिलाधिकारी Dr. Nawal Kishor Choudhary ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब स्कूलों की मनमानी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी संस्थान सरकारी निर्देशों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में Pradeep Kumar Singh (उप विकास आयुक्त) एवं Raj Kumar Sharma (जिला शिक्षा पदाधिकारी) की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि यह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि व्यापक सुधार की दिशा में ठोस पहल है।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि:
स्कूलों में अमीर और गरीब बच्चों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए
शिक्षा का उद्देश्य चरित्रवान नागरिक बनाना है, न कि केवल व्यावसायिक लाभ कमाना
‘री-एडमिशन’ के नाम पर शुल्क वसूली कई मामलों में नियमों के विरुद्ध है
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर सख्त रुख अपनाया कि कई स्कूल ‘एनुअल चार्ज’ या ‘डेवलपमेंट फीस’ के नाम पर अभिभावकों से दोबारा वही शुल्क वसूल रहे हैं, जो प्रवेश के समय लिया जाता है—यह पूरी तरह अनुचित है।
यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समानता और अभिभावकों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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