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आगरा के बहुचर्चित धर्मांतरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड्स के खिलाफ शिकंजा और कस दिया है। इस पूरे काले कारोबार को आर्थिक ऑक्सीजन देने वाले

आगरा के बहुचर्चित धर्मांतरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड्स के खिलाफ शिकंजा और कस दिया है। इस पूरे काले कारोबार को आर्थिक ऑक्सीजन देने वाले मुख्य आरोपी दाऊद अहमद के भोपाल स्थित घर पर पुलिस ने कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है। जुलाई 2025 में दो सगी बहनों के लापता होने से शुरू हुई इस जांच ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार कनाडा और यूएई जैसे देशों से जुड़े हैं। पुलिस अब दाऊद अहमद की संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी में है, जो मूल रूप से भोपाल का निवासी है और फिलहाल कनाडा से इस सिंडिकेट के लिए फंडिंग का इंतजाम कर रहा था।



इस संगठित गिरोह का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने लापता बहनों को कोलकाता से बरामद किया। जांच की परतें खुलीं तो सामने आया कि दिल्ली का अब्दुल रहमान और गोवा में बैठी उसकी सहयोगी आयशा मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहे थे। इनका मकसद लड़कियों को बरगलाकर उनका धर्मांतरण कराना था। अब तक इस मामले में 14 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। रिमांड के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि उन्हें विदेशों से भारी-भरकम फंड मिलता था, जिसमें दाऊद अहमद की भूमिका सबसे अहम थी।



अदालती आदेशों की अनदेखी और गिरफ्तारी से बचने के लिए लुका-छिपी खेल रहे दाऊद के खिलाफ अब पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। थाना सदर बाजार में उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 के तहत एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। आगरा पुलिस इस पूरे ऑपरेशन के जरिए न केवल लड़कियों को इस दलदल से निकाल रही है, बल्कि उस जड़ पर भी प्रहार कर रही है जहाँ से इस नफरत के कारोबार को पैसा मिल रहा था। जल्द ही इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए बड़े स्तर पर संपत्तियों की जब्ती शुरू होगी। #MPKiBaa#LoveJihaad #ReligionConversion #funding #bhopalhouse#agarapolice #BhopalPolice

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