हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा तालाब अतिक्रमण, जिलाधिकारी पर उठे सवाल
अमेठी जनपद के नुवावा गांव में तालाब की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ द्वारा 31-07-2025 को पारित आदेश के बावजूद अब तक तालाब की जमीन पर बने अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया है।
ग्राम नुवावा निवासी महेश सिंह द्वारा जिलाधिकारी अमेठी को दिए गए प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी तहसील प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे न्यायालय के आदेश की अवहेलना और प्रशासनिक लापरवाही उजागर हो रही है।
प्रार्थी ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से तालाब की गाटा संख्या पर हुए अवैध निर्माण को हटाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही 7 दिन के भीतर की गई कार्रवाई की सूचना देने की भी मांग की गई है।
प्रार्थी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वह माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाता है या नहीं।