कविता: सखा बनो तो कृष्ण के जैसा
💋सखा बनो तो कृष्ण के जैसा,
हर पल जो संग निभाए,
धर्म की राह दिखाकर,
मित्र को विजय दिलाए।💋
👏रणभूमि में जब डगमगाए,
अर्जुन का मन घबराए,
गीता का ज्ञान सुनाकर,
संदेह सभी मिटाए।👏
😞सखा बनो तो कृष्ण के जैसा,
जो संकट में मुस्काए,
नीति और बुद्धि के बल पर,
हर कठिनाई हर जाए।😞
👍जब अधर्म बढ़े जग में,
और सत्य कहीं खो जाए,
मित्र के संग खड़े होकर,
धर्म का दीप जलाए।👍
😃न छल से दूर भागे,
न सत्य से नाता तोड़े,
समय पड़े तो नीति से,
दुष्टों के मर्म भी तोड़े।❤️
💔सखा बनो तो कृष्ण के जैसा,
जो दिल से साथ निभाए,
मित्र के हर दुख-सुख में,
अपना फर्ज निभाए।💔
😀ना स्वार्थ का हो बंधन,
ना मोह का हो जाल,
मित्रता हो ऐसी पावन,
जैसे गंगा का हो धार।😀
💞अर्जुन के रथ का सारथी बन,
जीवन की राह दिखाए,
अंधकार भरे क्षणों में,
प्रकाश बनकर आए।❤️
😀सखा बनो तो कृष्ण के जैसा,
जिसमें प्रेम और ज्ञान,
मित्रता को बना दे वो,
इस जग का सबसे महान।😀😀🎊