असम: 'बीफ' के सेवन पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा बयान
गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में बीफ (गोमांस) के सेवन को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके हालिया बयान ने एक नई चर्चा छेड़ दी है।
"घरों के भीतर खाने पर रोक नहीं"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी की व्यक्तिगत खान-पान की आदतों में दखल नहीं देना चाहती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
"मुस्लिम समुदाय में एक बड़ी आबादी ऐसी है जो बीफ खाती है। हम उन्हें खाने से मना नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम उनसे बस यही कहते हैं कि वे इसका सेवन अपने घरों के भीतर करें।"
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सद्भाव (Social Harmony) के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। उनके अनुसार:
सार्वजनिक स्थानों या संवेदनशील इलाकों में भावनाओं का सम्मान करना ज़रूरी है।
निजी तौर पर अपने घरों में खान-पान की पूर्ण स्वतंत्रता है।
विवाद और कानून का संदर्भ
गौरतलब है कि असम सरकार ने पहले ही 'असम मवेशी संरक्षण अधिनियम' (Assam Cattle Preservation Act) लागू किया है, जिसके तहत मंदिरों और कुछ विशेष क्षेत्रों के 5 किलोमीटर के दायरे में बीफ की बिक्री और सेवन पर पाबंदी है। मुख्यमंत्री का यह नया बयान उसी कानून की बारीकियों को जनता के सामने स्पष्ट करने के रूप में देखा जा रहा है।