*देहरादून में प्रधानमंत्री की जनसभा और सहारनपुर में मुख्यमंत्री की सभा के जरिये पूरे पश्चिमी यूपी को संदेश देने की तैयारी है। 14 अप्रैल को संभावित
कार्यक्रम है। आंबेडकर जयंती पर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में राजनीतिक समीकरण साधे जाएंगे।*
एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के लिए गणेशपुर में छह हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। एक हेलीपैड पर प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा, जबकि बाकी हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य मंत्री उतरेंगे। अभी तक पीएमओ की तरफ से जो सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली है उसके अनुसार, गणेशपुर में प्रधानमंत्री का स्वागत होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार से सिद्धपीठ डाट काली माता पहुंचकर दर्शन करेंगे। वहां से वापस लौटकर मुख्यमंत्री गणेशपुर के जनसभा करेंगे, जबकि प्रधानमंत्री देहरादून जाकर जनसभा संबोधित करेंगे। देहरादून में होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण गणेशपुर में कराया जाएगा।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पूरे कार्यक्रम की टाइमिंग और स्वरूप अपने आप में कई संकेत दे रहा है। एक ओर जहां केंद्र और प्रदेश सरकार एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजना को विकास के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर आंबेडकर जयंती के दिन कार्यक्रम रखकर अनुसूचित समाज को साधने की रणनीति भी साफ दिखाई दे रही है। सहारनपुर जिले में अनुसूचित जाति की आबादी अच्छी-खासी संख्या में है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस वर्ग का प्रभाव भी निर्णायक माना जाता है। ऐसे में आंबेडकर जयंती के दिन प्रधानमंत्री की मौजूदगी और बड़े विकास कार्य का संदेश राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे का लोकार्पण बनेगा चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक मंच
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह आयोजन सिर्फ एक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण भर नहीं होगा, बल्कि आने वाले चुनावों के मद्देनजर एक बड़ा राजनीतिक मंच भी बनेगा। देहरादून में प्रधानमंत्री की जनसभा और सहारनपुर में मुख्यमंत्री की सभा के जरिये पूरे पश्चिमी यूपी को संदेश देने की तैयारी है। इस तरह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण विकास के साथ-साथ सियासत का भी बड़ा मंच बनने जा रहा है, जहां से सरकार उपलब्धियों का संदेश देगी तो विपक्ष भी इसे अपनी नजर से परखेगा।