अपर महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व रेलवे का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण, सांसद के साथ हुई महत्वपूर्ण समन्वय बैठक
जमशेदपुर (खड़गपुर): दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के अपर महाप्रबंधक (एजीएम) श्री सौमित्र मजूमदार ने रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों और यात्री सुविधाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से शालीमार से घाटशिला खंड तक विस्तृत विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। यह निरीक्षण रेलवे के विभिन्न परिचालन एवं अवसंरचनात्मक पहलुओं को परखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस निरीक्षण के दौरान ट्रेन की खिड़की से पूरे रेलखंड का बारीकी से अवलोकन किया गया, जिसमें ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम, रेलवे स्टेशन की सुविधाएं, साफ-सफाई, यात्री सुरक्षा व्यवस्था और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का आकलन शामिल था। अधिकारियों ने विशेष रूप से उन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया, जहां सुधार की आवश्यकता है, ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सके।
इस मौके पर दक्षिण पूर्व रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री नवीन चंद्र कुमार, खड़गपुर के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक श्री देबजीत दास, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री निशांत कुमार तथा वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री प्रभात प्रसाद शामिल थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत जानकारी दी और सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ट्रेन संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए और यात्रियों को समय पर एवं सुरक्षित सेवा उपलब्ध हो। साथ ही स्टेशन परिसरों में स्वच्छता, पेयजल, प्रतीक्षालय, टिकटिंग सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के पश्चात घाटशिला में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जमशेदपुर के माननीय सांसद श्री विद्युत बरन महतो ने भाग लिया। इस बैठक में खड़गपुर एवं चक्रधरपुर मंडलों के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी मौजूद रहे। चक्रधरपुर मंडल से मंडल रेल प्रबंधक श्री तरुण हूरिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री आदित्य कुमार चौधरी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) श्री मनीष पाठक तथा वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (कोचिंग) भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान सांसद श्री विद्युत बरन महतो ने अपने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न रेल मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, प्रमुख स्टेशनों पर सुविधाओं के विस्तार, प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने, यात्री सुरक्षा को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन से जुड़े सुझाव दिए। इसके अलावा उन्होंने कुछ ट्रेनों के ठहराव, समयपालन और टिकटिंग से संबंधित समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।
रेलवे प्रशासन ने सांसद द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को पूरा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने और यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
यह निरीक्षण और समन्वय बैठक न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से लेकर विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।