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कोषागार निरीक्षण में सख्त हुए उपायुक्त, हर DDO बिल की गहन जांच के दिए निर्देश



रिपोर्ट: आनंद किशोर

जिला उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कोषागार का औचक निरीक्षण करते हुए वित्तीय प्रक्रियाओं पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोषागार जिले की वित्तीय व्यवस्था का “ब्रेन” है, इसलिए यहां से होने वाली प्रत्येक राशि की निकासी और भुगतान पूरी तरह नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कोषागार पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी डीडीओ (DDO) द्वारा प्रस्तुत बिलों की गहन जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे कोषागार संहिता के नियमों के अनुरूप हों। साथ ही निकासी केवल स्वीकृत आवंटन और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत ही की जाए।

वेतन और मानदेय भुगतान को लेकर भी उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी को वेतन देने से पहले उसके नाम, पदनाम, जन्म तिथि समेत सभी विवरणों का मिलान ऑनलाइन रिकॉर्ड या सर्विस बुक से किया जाए। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित कर्मचारी वास्तव में कार्यालय में कार्यरत है। बैंक खाता संख्या का सत्यापन पासबुक या चेक के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जाए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कोषागार में प्रतिनियुक्त कर्मियों की उपस्थिति और उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि की भी जानकारी ली। साथ ही बुक ट्रांसफर, सब-अलॉटमेंट, अनयूज्ड और फ्रेश अलॉटमेंट से जुड़ी जानकारी की समीक्षा की।

उन्होंने जिले के सभी पीएल (PL) खातों और सबहेड का विस्तृत विवरण मांगा तथा निर्देश दिया कि जो राशि खर्च नहीं हो पाएगी, उसे संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर सरेंडर कराया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह एसी/डीसी बिलों के समायोजन और पीएल खातों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

इस मौके पर कोषागार पदाधिकारी श्री सीताराम प्रसाद एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव भी उपस्थित रहे।

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