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बिना दाखिल खारिज के जमीन नहीं बेच पाएंगे -उत्तर प्रदेश सरकार

यूपी रजिस्ट्री 'सर्जिकल स्ट्राइक': अब बिना दाखिल-खारिज जमीन बेचना नामुमकिन, सरकार ने खींची लक्ष्मण रेखा!

यूपी में जमीन की खरीद-फरोख्त पर सरकार का 'हंटर', यूपी में जमीन रजिस्ट्री के बदले नियम

लखनऊ: News Break Media उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक 'मास्टर स्ट्रोक' खेला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टांप और पंजीकरण विभाग ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अब सीधे डिजिटल राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) से जोड़ दिया है।

📣 इस नए नियम के लागू होने के बाद, अब केवल पैसे के दम पर किसी भी जमीन की रजिस्ट्री कराना संभव नहीं होगा।

📌 1. सब-रजिस्ट्रार करेंगे डिजिटल पड़ताल

नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले सब-रजिस्ट्रार कार्यालय 'डिजिटल पोर्टल' के माध्यम से विक्रेता के मालिकाना हक की जांच करेगा।

👉 खतौनी से मिलान: यदि विक्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी या जमाबंदी) में दर्ज नहीं है, तो रजिस्ट्री का सॉफ्टवेयर उसे स्वीकार नहीं करेगा।

👉 फर्जीवाड़े पर रोक: पहले कई मामलों में देखा गया था कि विवादित या दूसरों की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया जाता था, लेकिन अब बिना डिजिटल मिलान के रजिस्ट्री की फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।

📌 2. धारा 34 और दाखिल-खारिज (Mutation) की अनिवार्यता

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 34 के तहत, किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद उसका 'दाखिल-खारिज' कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

👉 क्या है दाखिल-खारिज? यह वह प्रक्रिया है जिसमें सरकारी रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम काटकर नए खरीदार का नाम चढ़ाया जाता है।

👉 क्यों जरूरी है? यदि आपने जमीन खरीद ली और रजिस्ट्री भी करा ली, लेकिन दाखिल-खारिज नहीं कराया, तो सरकारी रिकॉर्ड में आप अभी भी उस जमीन के मालिक नहीं माने जाएंगे। भविष्य में आप उस जमीन को दोबारा नहीं बेच पाएंगे क्योंकि नया पोर्टल पुराने रिकॉर्ड में आपका नाम न होने पर रजिस्ट्री रोक देगा।

📣 3. भू-माफियाओं की टूटेगी कमर

सरकार का यह कदम विशेष रूप से उन भू-माफियाओं के खिलाफ है जो एक ही जमीन को कई बार बेचते थे या अवैध रूप से कब्जा की गई जमीनों की रजिस्ट्री करवा देते थे। अब चूंकि स्वामित्व के दस्तावेजों का परीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है, इसलिए 'स्वामित्व' (Ownership) सुनिश्चित होने पर ही लेनदेन पूरा होगा।

📣 4. खरीदारों के लिए विशेष सलाह

अगर आप उत्तर प्रदेश में प्लॉट, कृषि भूमि या कोई भी अचल संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

👉 पुराना रिकॉर्ड जांचें: सुनिश्चित करें कि विक्रेता का नाम खतौनी में दर्ज है।

👉 तत्काल दाखिल-खारिज: रजिस्ट्री होने के तुरंत बाद तहसील में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी करें।

👉 डिजिटल स्टेटस: अब यूपी में संपत्तियों का रिकॉर्ड डिजिटल है, इसलिए 'भूलेख' पोर्टल पर जाकर स्थिति स्पष्ट कर लें।

सरकार के इस फैसले से जहां एक ओर आम आदमी की मेहनत की कमाई सुरक्षित होगी, वहीं दूसरी ओर अदालतों में जमीन संबंधी विवादों के बोझ में भी कमी आएगी। अब उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदना सुरक्षित है, बशर्ते आप नियमों का पूरी तरह पालन करें।

सावधान रहें, सुरक्षित निवेश करें।

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