PM Narendra Modi का बड़ा दावा, BJP सरकार बनते ही श्वेत पत्र जारी कर दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे
पूर्व बर्दवान :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार अभियान को धार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व बर्द्धमान के कटवा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए बंगाल की जनता के लिए लोक-लुभावन वादों और सुधारों का रोडमैप पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का पूर्ण लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। युवाओं को साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा यहाँ ऐसे उद्योगों की स्थापना करेगी जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, उन्होंने एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए कहा कि टीएमसी के कथित भ्रष्टाचार और धांधली के कारण सरकारी नौकरियों में आयु सीमा पार कर चुके युवाओं को उम्र में विशेष छूट दी जाएगी और रिक्त पदों को त्वरित गति से भरा जाएगा। प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर 'पैनिक मोड' में होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के प्रति जनता का स्नेह देखकर विपक्षी दल अब झूठ का सहारा ले रहा है। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार बंगाल की बहनों को प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा के शासन में बंगाल की बेटियां बिना किसी डर के कहीं भी और कभी भी बेखौफ घूम सकेंगी। प्रधानमंत्री ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर एक 'श्वेत पत्र' जारी करेगी, ताकि हर भ्रष्ट विधायक, मंत्री और सिंडिकेट चलाने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।प्रधानमंत्री ने टीएमसी के 'सिंडिकेट राज' पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बालू खनन और अन्य सरकारी कार्यों में अब पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया लागू की जाएगी। कटवा विस्फोट जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने अपराधियों को सख्त चेतावनी दी। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच आयोग का गठन किया जाएगा, ताकि हिंसा के दोषियों को सजा मिल सके और न्याय की स्थापना हो।