PM आवास में बड़ा खेल! 2022 में सिर्फ दीवार उठाकर निकाली रकम, शिकायत के बाद 2026 में डाली छत!
जनपद अमेठी के विकास खंड क्षेत्र की ग्राम सभा नुवावां में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि 2022 में सिर्फ दीवार खड़ी कर फर्जी जियो-टैगिंग के जरिए तीनों किस्तों का भुगतान निकाल लिया गया, जबकि मकान अधूरा ही पड़ा रहा।
वर्ष 2022 में आवास योजना के तहत केवल दीवार खड़ी की गई
इसके बाद फर्जी जियो-टैगिंग दिखाकर तीनों किस्तों का भुगतान निकाल लिया गया
लेकिन छत तक नहीं डाली गई, जिससे मकान अधूरा रहा
10-03-2026 को शिकायतकर्ता ने खंड विकास अधिकारी (BDO) को शिकायत दी
इसके बाद आनन-फानन में 30-04-2026 को छत डाली गई
👉 इससे साफ सवाल उठता है कि अगर सब सही था तो 4 साल तक छत क्यों नहीं बनी?
क्या यह पूरा मामला जियो-टैगिंग में फर्जीवाड़ा और भुगतान घोटाले का उदाहरण है?
क्या जिम्मेदारों ने शिकायत के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश की?
मामले की निष्पक्ष जांच
जियो-टैगिंग और भुगतान की तकनीकी जांच
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
क्या सरकारी योजनाओं में ऐसे ही कागजों पर मकान बनते रहेंगे?
और शिकायत के बाद ही क्यों जागता है सिस्टम?