तीन दिवसीय राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव में सम्मिलित होने के लिए मुख्यमंत्री को दिया आमंत्रण...
चांडिल,सरायकेला खरसावां जिला में सरायकेला में मयुरभंग,मानभुम पुरूलिया,छै नृत्य शैली प्रचलित ,प्रसिद्ध है। दोनों कलाकर विदेश भ्रमण और राष्टपति से सम्मानित कलाकर है मानभुम छै नृत्य ईचागढ़, विधानसभा,बाधमु़ंडी, पुरूलिया छै नृत्य प्रचलित है।चैत महोत्सव में सरायकेला बिरसा स्टेडियम, दुसरे जाम डीह गांव में मानभुम छै नृत्य का आयोजन किया गया।मानभुम छै नृत्य का आयोजन परेश पारित, सुरेश पारित, आधर कुम्हार आदी लोग शामिल हैं।