विशेष समाचार: समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
[सारंगढ़] 11 अप्रैल 2026
आज पूरे देश के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी महान समाज सुधारक, विचारक और 'सत्यशोधक समाज' के संस्थापक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें याद कर पुष्पांजलि अर्पित की।
शिक्षा और समानता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान महात्मा फुले के उस प्रसिद्ध विचार को दोहराया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि शिक्षा के बिना मनुष्य का विकास संभव नहीं है। उन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। समाज के वक्ताओं ने बताया कि कैसे ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने विपरीत परिस्थितियों में देश का पहला बालिका विद्यालय खोलकर महिला शिक्षा की नींव रखी थी।
संघमित्रा बौद्ध ने दी बधाई
इस अवसर पर संघमित्रा बौद्ध ने क्षेत्रवासियों को फुले जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा फुले के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 19वीं सदी में थे। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे शिक्षित बनें और रूढ़िवादी परंपराओं को छोड़कर समानता के मार्ग पर चलें।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पर जोर
जयंती समारोह के साथ-साथ आज कई स्थानों पर स्वच्छता अभियान भी चलाए गए, जहाँ बच्चों को साफ़-सफाई के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। लोगों का मानना है कि एक स्वच्छ शरीर और स्वच्छ वातावरण ही समाज की असली प्रगति का आधार है।