ओडिशा सरकार ने बढ़ाया आरक्षण का कोटा
सवर्ण समाज के हाथ आया झुनझुना
ओडिशा सरकार ने 5 अप्रैल 2026 को ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मेडिकल और इंजीनियरिंग (तकनीकी शिक्षा) में अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) का आरक्षण बढ़ा दिया है और सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) के लिए 11.25% कोटा शुरू किया है। यह नई नीति राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लागू होगी, जिसका उद्देश्य 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इन समुदायों के छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करना है।
ओडिशा नई आरक्षण नीति 2026 के मुख्य बिंदु:
SC/ST कोटा में बढ़ोतरी: अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण 12% से बढ़ाकर 22.50% और अनुसूचित जाति (SC) का आरक्षण 8% से बढ़ाकर 16.25% कर दिया गया है।
SEBC के लिए नया कोटा: सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) के लिए 11.25% आरक्षण की नई व्यवस्था की गई है।
कुल आरक्षण: इन बदलावों के बाद, शैक्षणिक संस्थानों में कुल आरक्षण लगभग 50% तक पहुँच गया है।
कहाँ लागू होगा: यह नीति मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य सभी तकनीकी व पेशेवर शिक्षा पाठ्यक्रमों पर लागू होगी।
सीटों में वृद्धि: इस बदलाव से, मेडिकल में एसटी छात्रों के लिए सीटें 290 से बढ़कर 545 और एससी के लिए 193 से बढ़कर 393 हो गई हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दी है, जिसे विपक्षी दलों ने भी सकारात्मक रूप से लिया है, हालांकि कुछ ने जनसंख्या के अनुपात में और अधिक आरक्षण की मांग भी की है।