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बड़ी खबर: सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले ओमप्रकाश बंजारे 'जिला बदर'!

विशेष रिपोर्ट: सामाजिक सरोकार या सुरक्षा का सवाल? ओमप्रकाश बंजारे एक वर्ष के लिए पांच जिलों से निष्कासित
​शक्ति/छत्तीसगढ़ | जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले ओमप्रकाश बंजारे को 'जिला बदर' (निष्कासित) करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
​प्रशासनिक सख्ती: पांच जिलों की सीमाओं में प्रवेश वर्जित
​पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और साक्ष्यों के आधार पर, ओमप्रकाश बंजारे को न केवल शक्ति जिले से, बल्कि उससे सटे चार अन्य महत्वपूर्ण जिलों की सीमाओं से भी बाहर कर दिया गया है। आगामी एक वर्ष तक बंजारे के लिए निम्नलिखित जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा:
​शक्ति
​जांजगीर-चांपा
​कोरबा
​रायगढ़
​सारंगढ़-बिलाईगढ़
​क्या है कार्रवाई का मुख्य आधार?
​जारी आदेश के अनुसार, ओमप्रकाश बंजारे के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों में कई प्रतिबंधात्मक प्रकरण लंबित हैं। प्रशासन का तर्क है कि पूर्व में की गई कार्यवाहियों के बावजूद उनके आचरण में सुधार नहीं देखा गया।
​दहशत का माहौल: रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि उनकी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा था, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था।
​छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम: यह पूरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत की गई है।
​सामाजिक गतिविधियों पर उठा सवाल
​ओमप्रकाश बंजारे अक्सर सामाजिक मुद्दों और समाज हित की बातों को लेकर प्रदर्शनों में हिस्सा लेते रहे हैं। सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शनों में सक्रिय रहते हैं। हालांकि, प्रशासन ने विभिन्न सामाजिक संगठनों से प्राप्त पत्रों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद यह माना कि उनके द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों और गतिविधियों से क्षेत्र की शांति व्यवस्था को खतरा है।
​24 घंटे का अल्टीमेटम
​जिला दंडाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अनावेदक को आदेश मिलने के 24 घंटे के भीतर चिन्हित जिलों की सीमाओं से बाहर जाना होगा। यदि इस अवधि के दौरान वे इन जिलों में पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​आईमा मीडिया के लिए दारीकांत की विशेष रिपोर्ट
सच्चाई के साथ, जनहित की आवाज।

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