“170 KM की तपस्या: 36 से अधिक विधायकों के समर्थन पत्र भगवान के चरणों में अर्पित”
गौ माता को राज्य माता घोषित करने हेतु सतत संघर्ष और जनआंदोलन
“170 KM की तपस्या: 36 से अधिक विधायकों के समर्थन पत्र भगवान के चरणों में अर्पित”
गौ माता को राज्य माता घोषित करने हेतु सतत संघर्ष और जनआंदोलन
गौ माता को “राज्य माता” का दर्जा दिलाने के लिए गौ भक्त विनोद चंद्र भट्ट विगत कई वर्षों से निरंतर जनजागरण, तपस्या और अहिंसात्मक आंदोलन चला रहे हैं। यह अभियान केवल एक मांग नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और कृषि आधारित जीवनशैली की रक्षा का दृढ़ संकल्प है।
इस आंदोलन के अंतर्गत अब तक अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। प्रारंभिक चरण में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात विभिन्न धार्मिक स्थलों एवं गांव-गांव में सभाएं, जागरण और संकल्प यात्राएं आयोजित की गईं।
विशेष रूप से, लालकुआं से गर्जिया देवी मंदिर (रामनगर) तक 22 दिनों की दंडवत यात्रा ने समाज का व्यापक ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद 15 मार्च को गर्जिया देवी, रामनगर से प्रारंभ हुई लगभग 170 किलोमीटर की पदयात्रा 22 दिनों में अल्मोड़ा स्थित चितई गोल्ज्यू देवता (न्याय के देवता) के दरबार तक पहुंची।
इस दौरान 36 से अधिक विधायकों द्वारा दिए गए लिखित समर्थन पत्र भगवान के चरणों में अर्पित किए गए तथा उनसे यह प्रार्थना की गई कि जनप्रतिनिधियों को सद्बुद्धि प्रदान करें, जिससे वे गौ माता को राज्य माता घोषित करने के निर्णय को साकार करें।
आगे बढ़ते हुए, हरिद्वार के हर की पौड़ी से एक लंबी पदयात्रा का शुभारंभ किया गया, जिसमें मौन व्रत धारण कर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी की गई। इस दौरान कठिन परिस्थितियों, शारीरिक पीड़ा और अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ा, किंतु संकल्प अडिग बना रहा।
अब तक इस आंदोलन के तहत लगभग 900 किलोमीटर और 750 किलोमीटर की पदयात्राएं, मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम (धीरेंद्र शास्त्री जी) तक, तथा लगभग 150 किलोमीटर की दंडवत यात्राएं पूर्ण की जा चुकी हैं। इसके साथ ही अखंड ज्योत प्रज्वलित कर निरंतर जनजागरण अभियान भी चलाया गया, जिससे समाज के विभिन्न वर्ग इस मुहिम से जुड़ते जा रहे हैं।
यात्राओं के दौरान कई बार गंभीर शारीरिक चोटें, आर्थिक संकट और प्रशासनिक दबाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन गौ माता के प्रति श्रद्धा और समर्पण ने हर बाधा को पार करने की शक्ति प्रदान की।
👉 यह सभी यात्राएं विनोद चंद्र भट्ट द्वारा गौ माता के सम्मान के लिए पूर्णतः निस्वार्थ भाव से की जा रही हैं, और वे भविष्य में भी इसी समर्पण एवं संकल्प के साथ इस अभियान को निरंतर जारी रखेंगे।
समाज और सरकार से विनम्र अपील की गई है कि गौ माता को “राज्य माता” का दर्जा देकर भारतीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। यह निर्णय न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि किसानों, पर्यावरण और संपूर्ण समाज के हित में भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
अंततः, यह स्पष्ट किया गया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक गौ माता को उनका उचित सम्मान और संवैधानिक पहचान प्राप्त नहीं हो जाती।
📞 संपर्क:
नाम: विनोद चंद्र भट्ट
संगठन: उन्नति स्वयं सहायता समिति
मोबाइल: 9410332400