जलगांव शहर मे ब्राह्मण समाज के लिए आनंद और उत्साह के पल; भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव 2026 का भव्य आयोजन....
जलगांव शहर सहित पूरे महाराष्ट्र के ब्राह्मण समाज के लिए खुशी और उत्साह के पल जल्द ही आने वाले हैं। इस वर्ष भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव 2026 के पावन अवसर पर भव्य और आकर्षक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में समाजबंधु एवं महिलाएं एकत्र होकर इस उत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे।
सकल ब्राह्मण समाज में एकता और समरसता बढ़ाने तथा विभिन्न शाखाओं, परंपराओं और भाषाई भेदभाव को पीछे छोड़कर सभी को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से बहुभाषिक ब्राह्मण संघ द्वारा इस जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
यह आयोजन लगातार 17वें वर्ष किया जा रहा है और पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी यह उत्सव भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष का कार्यक्रम पहले से अधिक भव्य और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है।
इस भव्य आयोजन के लिए 400 से अधिक स्वयंसेवक श्रमदान कर रहे हैं। वहीं, समाज के दानवीर व्यक्तियों के आर्थिक सहयोग से पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आकार ले रहा है।
भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज की एकजुटता, संस्कार और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनता जा रहा है।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव की शुरुआत रविवार, दिनांक 05 अप्रैल को आयोजित रक्तदान शिविर से उत्साहपूर्वक हुई। आगामी रविवार, दिनांक 12 अप्रैल को सायंकाल 5:00 बजे महाबल चौक से विराट मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। यह रैली काव्यरत्नावली चौक, रिंग रोड मार्ग, शास्त्री टॉवर, सुभाष चौक, पांडे डेयरी चौक तथा वीर सावरकर प्रतिमावली मार्ग से होते हुए पुलिस मल्टीपरपज हॉल तक पहुँचेगी। इस स्थान पर सायंकाल 7:00 बजे दानदाताओं एवं श्रमदाताओं का गौरव समारोह आयोजित किया गया है। मुख्य ब्राह्मण एकता दिवस का कार्यक्रम रविवार, दिनांक 19 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे ग्रामदेवता श्रीराम मंदिर में भगवान परशुराम पूजन के साथ प्रारंभ होगा तथा दोपहर 4:30 बजे सुभाष चौक से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में प्रतिवर्ष की भाँति दिव्य भगवान परशुराम रथ के साथ ढोल-ताशा, लेझीम और दांडिया पथक सहभागी होंगे। महिलाओं की तलवारबाजी, दांडपट्टा प्रदर्शन तथा विभिन्न पथकों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ इस वर्ष भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। शोभायात्रा का समापन शिवतीर्थ पर होगा। जन्मोत्सव में इस वर्ष भी नवीन उपक्रमों और नवोन्मेषी कल्पनाओं का समावेश किया गया है। पिछले वर्ष 9 तालुकों को भगवान परशुराम की स्थायी प्रतिमा निःशुल्क प्रदान की गई थी, जबकि इस वर्ष पारंपरिक निमंत्रण पत्रिका के स्थान पर 28 पृष्ठों की मराठी नववर्ष दिनदर्शिका प्रकाशित की गई है।