170 किलोमीटर की पदयात्रा, 22 दिन का संकल्प—15 मार्च को गर्जिया देवी रामनगर से निकली यात्रा चितई गोलू देवता दरबार पहुंची, विधानसभा में नहीं उठी गौ माता
15 मार्च को रामनगर स्थित गर्जिया देवी मंदिर से शुरू हुई 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा 22 दिनों के कठिन संकल्प के बाद अल्मोड़ा के चितई गोलू देवता मंदिर पहुंच गई। इस यात्रा का उद्देश्य गौ माता को राज्य माता का संवैधानिक दर्जा दिलाना था, जिसे 36 से अधिक विधायकों का लिखित समर्थन भी प्राप्त है। इसके बावजूद पूर्व में विधानसभा में इस मांग को पटल पर नहीं रखा गया। इससे पहले आंदोलनकारियों ने लालकुआं से रामनगर तक 22 दिन की दंडवत यात्रा, हरिद्वार से देहरादून तक 15 दिन की दंडवत यात्रा और देहरादून में 5 दिन तक अन्न-जल त्याग कर तपस्या भी की। सभी दस्तावेज विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर अब चितई गोलू देवता के दरबार में न्याय की गुहार लगाई गई है।