अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद हुए सीजफायर पर भारत ने राहत और उम्मीद भरा रुख अपनाया है।
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत इस युद्धविराम का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। भारत ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष से आम नागरिकों के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी थी। भारत ने इस मार्ग से निर्बाध व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, ईरान ने इस सीजफायर को अपनी “जीत” बताते हुए खुद को मजबूत स्थिति में बताया है और आगे कूटनीतिक संवाद की दिशा में बढ़ने के संकेत दिए हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि क्षेत्रीय संघर्षों का प्रभाव वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर गहरा पड़ता है।