चंडीगढ़: नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा, हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे मेयर सौरभ जोशी
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की आज आयोजित
चंडीगढ़: नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा, हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे मेयर सौरभ जोशी
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की आज आयोजित हाउस मीटिंग में उस समय गहमागहमी का माहौल बन गया, जब मेयर सौरभ जोशी ने शहर में हाउसिंग बोर्ड द्वारा की जा रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक यह कार्रवाई नहीं रुकती, वह धरने से नहीं हटेंगे।
क्या है पूरा मामला?
मीटिंग शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने प्रशासन द्वारा लोगों के घर तोड़े जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में लोगों के घरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिक बेहद परेशान हैं। गाबी ने सदन में सवाल उठाया कि प्रशासन को केवल गरीब जनता के घर ही क्यों दिखाई देते हैं, जबकि शहर में बड़े स्तर पर कोठियों में किए गए अवैध कब्जे प्रशासन की नजरों से दूर क्यों हैं?
सदन में तीखी बहस
इस दौरान पार्षदों ने पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला पर भी निशाना साधने की कोशिश की, जिससे सदन में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पार्षदों और मेयर के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मेयर सौरभ जोशी ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी पार्षद पर व्यक्तिगत हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
मेयर का रुख: "हम जनता के साथ हैं"
विपक्ष के सवालों और लोगों की परेशानी को देखते हुए मेयर सौरभ जोशी ने स्पष्ट किया कि निगम के सभी प्रतिनिधि प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। इस संवेदनशील मुद्दे के समाधान के लिए एक 'ऑल पार्टी कमेटी' का गठन पहले ही किया जा चुका है। धरने पर बैठते हुए मेयर ने यह साफ कर दिया कि जब तक प्रशासन की ओर से विध्वंस की कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक वह विरोध स्वरूप अपना स्थान नहीं छोड़ेंगे।
फिलहाल, इस धरने के बाद निगम की बैठक स्थगित कर दी गई है और पूरे निगम परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अब इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।