बाल सुधार गृह के भ्रमण से संवेदनशील बने विद्यार्थी, पुनर्वास प्रक्रिया को जाना करीब से
स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के बीएड-एमएड छात्रों ने किशोर न्याय प्रणाली, शिक्षा व सुधार गतिविधियों का लिया अनुभव
शाहजहांपुर।
स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के बीएड एवं एमएड के विद्यार्थियों ने बाल सुधार गृह का शैक्षिक भ्रमण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं और पुनर्वास प्रक्रिया को करीब से समझा। इस भ्रमण का उद्देश्य भावी शिक्षकों को किशोर न्याय प्रणाली, बाल मनोविज्ञान तथा सुधारात्मक उपायों से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान बाल सुधार गृह के अधीक्षक ने विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, नियमों और यहां संचालित शैक्षिक, व्यावसायिक एवं परामर्श कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुशासन, देखभाल, मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग के माध्यम से किशोरों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाता है।
विद्यार्थियों ने वहां की दिनचर्या, आवास व्यवस्था और शिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि ऐसे बच्चों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए शिक्षकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।
शिक्षक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. प्रभात शुक्ल ने कहा कि इन संस्थानों का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि बच्चों का सुधार, मार्गदर्शन और पुनर्वास करना है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और सहयोग मिलने पर हर बच्चा समाज का जिम्मेदार नागरिक बन सकता है।
इस अवसर पर डॉ. बृज निवास, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. अखिलेश तिवारी, डॉ. संजय कुमार, श्री सौरभ मिश्रा, श्री अमित गुप्ता, श्री राजीव यादव, श्री रोहित सिंह, श्री राम औतार सिंह, सुश्री रेनू बहुखण्डी, डॉ. प्रियंका शर्मा, श्रीमती प्रिया शर्मा सहित बीएड एवं एमएड के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ उनके भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करने वाला साबित हुआ।