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अमेरिका की कड़ी चेतावनी के बीच ईरान में ऐतिहासिक बचाव अभियान, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

ईरान के भीतर मार गिराए गए अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल के दोनों एयरमैन को सफलतापूर्वक बचाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “ऐतिहासिक और नो-फेल मिशन” बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को दुश्मन की जमीन पर नहीं छोड़ेगा। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान गिरने के बाद एक अधिकारी को तुरंत निकाल लिया गया, जबकि दूसरा अधिकारी करीब 48 घंटे तक ईरान के पहाड़ी इलाके में घायल अवस्था में छिपा रहा। उसे सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिकी सेना ने 150 से अधिक विमान, स्पेशल ऑपरेशन यूनिट्स, हेलिकॉप्टर और खुफिया एजेंसियों की मदद से बड़ा रेस्क्यू मिशन चलाया। इस दौरान भारी गोलीबारी और हवाई कवर का इस्तेमाल किया गया। 

इस सफल बचाव के बाद ट्रंप ने ईरान को कड़ी सैन्य चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तनाव और बढ़ा, तो जवाब बेहद सख्त होगा। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंता ने वैश्विक तेल आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेस्क्यू मिशन अमेरिका के लिए रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक जीत जरूर है, लेकिन इससे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य टकराव का खतरा और गहरा हो गया है। आने वाले दिनों में यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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