राजनीतिक दल समझौता नहीं समर्थन होना चाहिए
भारत देश के राष्ट्रीय राजनीतिक दल एवं क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन एवं पार्टी किसी बड़े दल से समझौता नहीं करना चाहिए उनको अपना चुनाव जीतने के बाद खुला या आंतरिक समर्थन देकर सरकार में शामिल होना चाहिए लेकिन चुनाव से पहले शर्ट और समझौता के तौर पर गठबंधन करके चुनाव नहीं लड़ना चाहिए सभी को निष्पक्ष निर्भीक होकर अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है तभी लोकतंत्र को पारदर्शी ढंग से बचाया जा सकता है जब राजनीतिक दल समझौता करके एक बड़े दल में सम्मिलित हो जाते हैं तो अपनी बात जनता की मुद्दा और विकास के लिए खुलकर सदन के अंदर नहीं भूल पाए बड़ी पार्टी अपने सहयोगी छोटी पार्टी को हमेशा खत्म करने की सोचती रहती है और अपने पार्टी में विलय करने की कोशिश में लगी रहती है अपने दल को अधिक से अधिक कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार के मंत्री पद देने की कोशिश करती है सहयोगियों को नाम मात्र का एक पद देती है प्रत्याशी भी उनके मन मुताबिक नहीं दे सकती है