logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

तस्वीर सब बयां करती है

यह तस्वीर ईरान के शहर ज़न्जान के एक दुकानदार हाजी हसन की हैं. हाजी हसन के पास एक शख़्स अमानत के तौर पर अपनी साइकिल छोड़ गया था. और फ़िर किसी वजह से वापस ही नहीं आया.

हाजी हसन रोज़ सुबह उस साइकिल को दुकान के बाहर रखते और रात को दुकान के अंदर. यह सिलसिला साइकिल के मालिक के इंतेज़ार में 45 साल तक बदस्तूर यूँ ही चलता रहा.
आख़िरकार एक रोज़ हाजी हसन का इंतेक़ाल हो गया लेकिन साइकिल का मालिक वापस नहीं आया.

उनके मरने के बाद हुक़ूमत ने उस "अमीन" और साथ में उस साइकिल का मुजस्सिमा बना कर शहर के एक अहम चैराहे पर लगवाया ताकि यह "अहद-ए-वफ़ा" और अमानतदारी की मिसाल बनी रहे।

6
200 views

Comment