तस्वीर सब बयां करती है
यह तस्वीर ईरान के शहर ज़न्जान के एक दुकानदार हाजी हसन की हैं. हाजी हसन के पास एक शख़्स अमानत के तौर पर अपनी साइकिल छोड़ गया था. और फ़िर किसी वजह से वापस ही नहीं आया.
हाजी हसन रोज़ सुबह उस साइकिल को दुकान के बाहर रखते और रात को दुकान के अंदर. यह सिलसिला साइकिल के मालिक के इंतेज़ार में 45 साल तक बदस्तूर यूँ ही चलता रहा.
आख़िरकार एक रोज़ हाजी हसन का इंतेक़ाल हो गया लेकिन साइकिल का मालिक वापस नहीं आया.
उनके मरने के बाद हुक़ूमत ने उस "अमीन" और साथ में उस साइकिल का मुजस्सिमा बना कर शहर के एक अहम चैराहे पर लगवाया ताकि यह "अहद-ए-वफ़ा" और अमानतदारी की मिसाल बनी रहे।