मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षा, पर्यटन, कृषि और विकास को मिली नई दिशा
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में मंगलवार का दिन कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ऐसे कई फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य के छात्रों, किसानों, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाला है। इन निर्णयों में सबसे अधिक चर्चा अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह करने के फैसले की रही।
यह फैसला न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि सामाजिक न्याय और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। बढ़ती महंगाई और उच्च शिक्षा की लागत को देखते हुए यह बढ़ोतरी छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। अब यह राशि स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तर के छात्रों को दी जाएगी।
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत हर वर्ष 100 नए छात्रों को लाभ मिलेगा, जबकि पहले से पढ़ रहे छात्रों को भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। योजना में 50 नए स्नातक, 50 नए स्नातकोत्तर और 50 वर्तमान छात्र शामिल किए गए हैं। इसके लिए सरकार ने वार्षिक 18 मिलियन रुपये का प्रावधान मंजूर किया है।
उज्जैन एयरपोर्ट: धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान
कैबिनेट बैठक का दूसरा सबसे बड़ा फैसला उज्जैन हवाई अड्डे के विकास के लिए ₹590 करोड़ की मंजूरी रहा। यह राशि मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि उज्जैन देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, संदीपनी आश्रम और सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विश्वस्तरीय धार्मिक आयोजनों के कारण यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट का विस्तार शहर की जरूरत बन गया था। यह परियोजना केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत विकसित की जाएगी और निर्माण कार्य भी केंद्र सरकार ही पूरा कराएगी।
इस एयरपोर्ट के विकसित होने के बाद एयरबस जैसे बड़े विमान भी उज्जैन में उतर सकेंगे, जिससे सिंहस्थ और महाकाल दर्शन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे पर्यटन, होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
भोपाल में खुलेगा FTRI, वित्तीय प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा
कैबिनेट ने भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (FTRI) खोलने को भी मंजूरी दी है। शुरुआत में यह संस्थान प्रशासन अकादमी, भोपाल से संचालित होगा।
यह संस्थान बजट मूल्यांकन, वित्तीय प्रबंधन, सार्वजनिक वित्त प्रणाली और प्रशासनिक आर्थिक ढांचे पर शोध करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में नीतिगत फैसलों की गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन दोनों मजबूत होंगे।
किसानों के लिए राहत: दाल खरीद पर ₹3,174 करोड़
कृषि क्षेत्र के लिए भी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। अगले तीन वर्षों में उड़द और मसूर दाल की खरीद के लिए ₹3,174 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
सरकार ने तय किया है कि सहजन का 25 प्रतिशत उत्पादन और मसूर का 100 प्रतिशत उत्पादन खरीदा जाएगा। सहजन का मूल्य ₹5,000 प्रति क्विंटल और मसूर का मूल्य ₹5,800 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
यह निर्णय किसानों को बाजार में मूल्य गिरने के जोखिम से बचाएगा और उनकी आय को स्थिरता देगा। खासतौर पर दाल उत्पादक किसानों के लिए यह फैसला आर्थिक सुरक्षा की तरह देखा जा रहा है।
वन संरक्षण और शिक्षा पर बड़ा निवेश
राज्य सरकार ने वनों के पुनरुद्धार, बहाली और संरक्षण के लिए ₹5,215 करोड़ मंजूर किए हैं। पर्यावरण संतुलन और हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए इसे बड़ी पहल माना जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले हुए।
• RTE के तहत निजी स्कूलों की फीस भुगतान के लिए ₹3039 करोड़
• PM श्री विद्यालय योजना के लिए ₹2940 करोड़
• कक्षा 9वीं से 12वीं तक मुफ्त पाठ्यपुस्तकों के लिए ₹693 करोड़
इन योजनाओं से लाखों छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
कटनी लघु सिंचाई परियोजना को मंजूरी
मंदसौर जिले की कटनी लघु सिंचाई परियोजना के लिए ₹288.41 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से 3500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 120 गांवों के 1358 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की फसल उत्पादकता बढ़ाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विकास का व्यापक रोडमैप
कुल मिलाकर कैबिनेट ने ₹16,720 करोड़ की विभिन्न जनकल्याणकारी और विकासात्मक योजनाओं को मंजूरी दी है। इन फैसलों से साफ है कि सरकार ने शिक्षा, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, सिंचाई और प्रशासनिक सुधार जैसे हर महत्वपूर्ण क्षेत्र को प्राथमिकता दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, SC छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने और उज्जैन एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं आने वाले वर्षों में राज्य की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं।
यह कैबिनेट बैठक मध्य प्रदेश के लिए केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि विकास के एक व्यापक विजन का संकेत बनकर सामने आई है।