विकास के नाम पर फर्जीवाड़ा! चकिया के मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।
विकास के नाम पर फर्जीवाड़ा! चकिया के मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
चकिया, चंदौली:
चकिया ब्लॉक के मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। गांव के लोगों में इस पूरे प्रकरण को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर सिर्फ कागजों में काम दिखाकर धन का बंदरबांट किया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए लाखों रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन अधिकांश कार्य अधूरे हैं या फिर शुरू ही नहीं किए गए। इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदारों द्वारा पूरा भुगतान निकाल लिया गया है। इसको लेकर गांव में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों की नाराजगी-:
गांव के लोगों ने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि “विकास के नाम पर सिर्फ कागजी खेल चल रहा है, असल में गांव की स्थिति पहले जैसी ही है।”
उठ रहे बड़े सवाल-:
क्या बिना कार्य पूरा हुए भुगतान कैसे हुआ?
जिम्मेदार अधिकारियों ने जांच क्यों नहीं की?
क्या इसमें स्थानीय स्तर पर मिलीभगत है?
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष-:
मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ग्रामीण विकास योजनाएं सही तरीके से लागू हो रही हैं या सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से और कितनी निष्पक्ष कार्रवाई करता है।