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बोकारो ट्रेजरी घोटाला 4.29 करोड़ पार, अकाउंटेंट गिरफ्तार कर जेल भेजा गया लेखापाल ने पत्नी के खाते में चुराए 4.29 करोड़, जांच में खुलासा l

●घोटाले की प्रक्रिया
●रिटायरमेंट के बाद भी वेतन निकासी
●ऑडिट पर उठे सवाल
●जांच का दायरा बढ़ाने की योजना
●पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

#बोकारो में वर्ष 2016 में ही पुलिस सेवा से एक रिटायर्ड एक हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर पिछले 25 महीनों में फर्जी तरीके से ₹4,29,71,007 की अवैध निकासी की गई l

#25महीनों में 63 बार निकासी
बोकारो पुलिस के अनुसार यह अवैध गतिविधि नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक लगातार चलती रही। कुल 63 बार बिल पास किए गए जिससे राशि 4,29,71,007 की निकासी हुई l

#घोटाले की प्रक्रिया
आरोपी लेखापाल खुद ही फाइल तैयार करता था और डी.डी.ओ. के फर्जी हस्ताक्षर करके या उन्हें अंधेरे में रखकर बिल पास करवा लेता था। यह प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म थी कि किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी।ऑडिट पर उठे सवाल

#रिटायरमेंट के बाद भी वेतन का जारी रहना l
जांच में यह बात सामने आई है कि उपेंद्र सिंह, जो कि एक हवलदार थे, वर्ष 2016 में ही पुलिस सेवा से रिटायर हो गए थे। हालांकि आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय ने डिजिटल पोर्टल में गड़बड़ी करते हुए रिटायर्ड कर्मी की जन्मतिथि और बैंक खाता संख्या को संशोधित कर अपनी पत्नी अनु पाण्डेय का बैंक खाता जोड़ दिया। और अपनी पत्नी के खाते में राशि ट्रांसफर की।

#ऑडिट पर उठे सवाल
चिंताजनक बात यह है कि एक महीने पहले ही ट्रेजरी का सरकारी ऑडिंट हुआ था लेकिन करोड़ों की इस अवैध निकासी का पता ऑडिट टीम को नहीं चला। जब मामला संदिग्ध बना, तब 'ई- कुबेर' पोर्टल के रिकॉर्ड की जांच से इस महाघोटाले का खुलासा हुआ। प्रारंभ में कौशल पाण्डेय ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन जब सबूत सामने आए तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

#जाच का दायरा बढ़ाने की योजना
बोकारो एसपी ने स्पष्ट किया है कि आरोपी 2018 से जिले में तैनात है, इसलिए जांच केवल पिछले 25 महीनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह संभावना जताई जा रही है कि घोटाला और पुराना हो सकता है। शासन ने अब एक विशेष समिति का गठन किया है, जो ट्रेजरी की कमियों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि इस घोटाले में और कौन- कौन से अधिकारी शामिल थे।

#पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाबचंद उरांव की शिकायत पर बी.एस. सिटी थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 316(5), 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 7 अप्रैल 2026 को आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

#एक तरफ रिश्वतखोरी में लिप्त एक भ्रष्ट अधिकारी है और दूसरी तरफ भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

#यह ईमानदारी बनाम लालच का एक उत्कृष्ट उदाहरण है एक इमानदार अधिकारी एक दागी अधिकारी से निपट रहा है।

#आखिरकार भ्रष्ट अधिकारी कानून के शिकंजे में आ गया ईमानदार हाथ बनाम भ्रष्ट हाथ।

#This is my personal opinion. I apologize if this view of mine has hurt anyone or caused a misunderstanding."

#news is courtesy of SP Bokaro & Birsa Ka Gandiv evening daily newspaper

Sushant Kumar Khan
Executive Member of
Anti Corruption

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