विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने शासकीय कर्मचारियों के लिए आयोजित द्वितीय चरण के AI प्रशिक्षण को संबोधित किया ।
जिला प्रशासन द्वारा शासकीय सेवकों को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय चरण कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित किया गया था।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा है कि शासकीय कार्यों में दक्षता, पारदर्शिता और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय कार्यालयों में पदस्थ अपने-अपने विभागों से संबंधित इंजीनियर, उपयंत्री, सहायक यंत्री, एमआईएस कोऑर्डिनेटर, प्रोग्रामर, सहायक ई-गवर्नेंस मैनेजर तथा विभिन्न रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों, कर्मचारी इस प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को आत्मसात करें और बार-बार प्रेक्टिकल कर एआई से सम्पादित कराए जाने वाले कार्यो में निपुण हो। उन्होंने एआई टूल्स के उपयोग को सीखकर सतत उपयोग के लिए निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि सरकारी कार्यो को सुव्यवस्थित रूप से अल्प अवधि में आधुनिक तौर तरीके से संपादित कराने में इस अवसर का लाभ उठाएं। मध्यप्रदेश शासन द्वारा एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित किया गया है जिससे शिक्षा स्वास्थ्य पोषण सहित सभी क्षेत्रों में किए जाने वाले कार्यों में आधुनिकता लाई जा सके। एआई को अपनाकर सभी अपने कार्य को स्मार्ट बनने के लिए प्रयासरत रहें।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों से संवाद भी किया इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि एआई प्रशिक्षण के द्वितीय चरण में ट्रेनर द्वारा बारीकी से एआई टूल्स की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। सभी अधिकारी, कर्मचारियों सहित अन्य को एआई टूल्स की बारीकियों को समझने में परेशानी आए तो तुरंत ट्रेनर से संवाद कर अपनी दिक्कतों को हल करें।
सीपीसी एनालिटिक्स के पार्टनर और सह संस्थापक पुणे से आए श्री ओंकार साठे के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को चेटजीपीटी से शासकीय कार्यो को कैसे और अधिक सरल सटीक व अल्प समय मंि पूरा करें की प्रायोगिक जानकारियां दी जाए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए ई-दक्ष ट्रेनर श्री चंद्रजीत रघुवंशी को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उक्त प्रशिक्षण में विभिन्न विभागो के जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारियों के अलावा कार्यपालन यंत्री सहित उनके कार्यालयीन अधीनस्थ मौजूद रहे।