झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया: टेलीमेडिसिन और डिजिटल नवाचार पर दिया जोर
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. शकीला मुल्ला के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का मुख्य आयोजन मेडिकल कॉलेज के शहरी स्वास्थ्य केंद्र में हुआ। प्रथम वर्ष की रेजीडेंट डॉ. शौर्या रस्तोगी ने उपस्थित लोगों और चिकित्सा कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इस दिवस को मनाने के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए 'उपचार से बेहतर बचाव' के सिद्धांत पर जोर दिया और रोगों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।
टेलीमेडिसिन में नवाचार का महत्व बताया
डॉ. रस्तोगी ने टेलीमेडिसिन में नवाचार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती दूरियों को कम करने और 'गैप फिलिंग' की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे सशक्त माध्यम हैं।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के सामंजस्य को प्राथमिकता दी है। वर्ष 2026 के लिए आधिकारिक थीम "समतापरक स्वास्थ्य के लिए डिजिटल नवाचार" रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी भेदभाव के दुनिया के अंतिम छोर तक पहुंच सकें।
स्वस्थ शरीर के लिए स्वच्छ पर्यावरण की अनिवार्यता को देखते हुए केंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया गया। डॉक्टरों ने संदेश दिया कि प्रकृति का संरक्षण ही दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।
कार्यक्रम में डॉ. मधुसूदन स्वर्णकार (सीनियर प्रोफेसर), डॉ. मयंक जैन (प्रोफेसर), डॉ. आसिफ अहमद कुरैशी (असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. हेम नंदनी पाठक (असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. उमाशंकर शुक्ला (असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. सुनील गोरा एवं डॉ. नितेश झा (सीनियर रेसिडेंट्स) मौजूद रहे।
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