खाद्यान्न आत्मनिर्भर भारत फिर किसानों के कर्ज के तले दबा होना आखिर क्यों?
सरकारी कर्मचारियों के 10वर्ष में वेतन आयोग फिर किसानों के नीति क्यों नहीं!
आत्मनिर्भर खाद्यान्न भारत फिर आत्मनिर्भर उत्पादक किसान वर्ग क्यों नहीं आखिर एक जालंत समस्या यह है कि आखिर किस आधार पर वार्षिक 6000 लघु एवं सीमांत किसानों को दिया जा रहा है जबकि देश में कर्मचारियों के 10 वर्ष के बाद वेतन आयोग का गठन किया जाता है फिर किसानों को आत्मनिर्भर स्वास्थ्य शिक्षा रोजगार के लिए उनके राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादक वर्गों के बीच एक संबंध में स्थापित करते हुए निर्यात और लागत मूल्य का समीक्षात्मक मूल्यांकन करते हुए उनको मूलभूत सुविधाओं और शेयर में उनका बोनस का साल भर में एक बार प्रावधान क्यों ना किया जाए ?
प्रत्येक लघु एवं सीमांत किसान परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा का लाभ सरकार को नीतिगत निर्णय के साथ लिए जाने का पहला किसान हित के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कृष्ण कुमार पाठक
लेखक/पत्रकार
खबरहलचल न्यूज /aimamedia
पत्रकार संचार परिषद (उत्तर प्रदेश) भारत