बैंकॉक में भारत का परचम: पैरा तीरंदाजों ने 13 पदक जीतकर वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ में किया टॉप
नई दिल्ली/बैंकॉक, 06 अप्रैल (हिंदुस्थान समाचार)।
भारतीय पैरा तीरंदाजों ने बैंकॉक में आयोजित हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व मंच पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। 22 सदस्यीय भारतीय टीम ने कुल 13 पदक (7 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
रिकर्व, कंपाउंड और W1 श्रेणी में उतरी भारतीय टीम ने अपने असाधारण प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस से सभी को प्रभावित किया। यह सफलता विश्व स्तर पर पैरा तीरंदाजी में भारत की लगातार बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
भारत के अभियान की अगुवाई कंपाउंड वर्ग ने की, जहां टीम ने तीनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
महिला टीम स्पर्धा में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीता।
वहीं पुरुष टीम स्पर्धा में टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी ने भारत को स्वर्ण दिलाया।
इसके अलावा मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी शीतल देवी और टोमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
रिकर्व पुरुष टीम स्पर्धा में विजय सुंडी और हरविंदर सिंह ने भारत का गौरव बढ़ाया। व्यक्तिगत और टीम दोनों वर्गों में कई अन्य पदक जीतकर भारत ने इस प्रतियोगिता में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।
इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण कंपाउंड महिला व्यक्तिगत स्पर्धा का अखिल भारतीय फाइनल रहा, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों के दबदबे को साफ तौर पर दिखाया।
भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह भारतीय पैरा-तीरंदाजी के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन और अदम्य साहस से देश का मान बढ़ाया है।
संघ के जनरल सेक्रेटरी वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि खिलाड़ियों ने सिर्फ पदक ही नहीं जीते, बल्कि पूरे देश को प्रेरित भी किया है। उन्होंने पायल नाग को उभरता सितारा बताते हुए कहा कि उनका निडर प्रदर्शन टीम के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। वहीं शीतल देवी ने एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाजों में शामिल हैं।
भारत का यह प्रदर्शन केवल पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्व मंच पर देश के मजबूत दावे और पैरा खेलों में बढ़ती श्रेष्ठता का भी संकेत है। भारतीय तीरंदाजी संघ ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी है।