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रिणिकी भुइयां शर्मा पर 52 हजार करोड़ की कंपनी का आरोप, CM हिमंत ने बताया ‘AI-फोटोशॉप की साजिश

पवन खेड़ा के आरोपों पर भड़के मुख्यमंत्री, 48 घंटे में मानहानि केस की चेतावनी; देर रात क्राइम ब्रांच में FIR दर्ज

चुनाव से ठीक पहले असम की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिणिकी भुइयां शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने दावा किया कि रिणिकी भुइयां शर्मा की अमेरिका में 52 हजार करोड़ रुपये की कंपनी है और उनके पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ की नागरिकता भी है। इस दौरान उन्होंने कुछ दस्तावेज भी मीडिया के सामने दिखाए।

इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तुरंत एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए सभी दावों को झूठा, मनगढ़ंत और साजिश का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि AI और फोटोशॉप की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं और उनकी पत्नी के नाम से गलत पासपोर्ट डिटेल्स इस्तेमाल की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा आरोप लगाया गया है, रिणिकी भुइयां शर्मा के पास यूएई की कोई नागरिकता नहीं है, और यूएई सरकार ने यह बात भारत सरकार को स्पष्ट कर दी है। साथ ही भारत सरकार ने मिस्र और एंटीगुआ सरकारों से भी संपर्क किया है। उनका आरोप है कि मिस्र के एक नागरिक के खोए हुए पासपोर्ट आईडी नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी प्रचार किया गया, जो कथित तौर पर दुबई के एक होटल में खोया था।

इसी मामले में रविवार देर रात 12:30 बजे रिणिकी भुइयां शर्मा ने पवन खेड़ा के खिलाफ क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कराया। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए कहा:

“कांग्रेस पेड़ पर गाय चढ़ाने जैसी बातें कर रही है। यह पूरी तरह AI और फोटोशॉप का खेल है। अगर मेरे पास 52 हजार करोड़ रुपये होते, तो मैं असम में क्यों रहती? शायद 3-4 राज्य मेरे अधीन होते। कांग्रेस मुझे सॉफ्ट टारगेट बना रही है।”

सोमवार सुबह मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले को “भयानक राजनीतिक साजिश” बताया। उन्होंने मीडिया के सामने डेमो दिखाते हुए कहा कि सिर्फ 199 अमेरिकी डॉलर देकर अमेरिका में कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन कंपनी रजिस्टर कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया:

“आज सुबह हमने गौरव गोगोई के नाम से एक फर्जी LLP खोली है, जिसका नाम ‘GauravElizabeth786’ रखा गया। ऐसे कागज कोई भी बना सकता है। कल रिणिकी भुइयां के नाम पर भी इसी तरह कंपनी बनाई गई थी। सिर्फ ईमेल, फोन नंबर और 199 डॉलर में यह संभव है।”

उन्होंने आगे कहा कि 3 अप्रैल और 5 अप्रैल को बनाई गई कंपनियों में 53 हजार करोड़ रुपये होने का दावा पूरी तरह हास्यास्पद है, क्योंकि यह सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पेपर है, असली निवेश नहीं।

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल में असम की राजनीति को और गर्मा दिया है, जहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

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