अमरीका ने ईरान के अंदर से एक गिरे हुए F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट के लापता एयरमैन (वेपन सिस्टम ऑफिसर) को बचाया।
(अप्रैल 2026) यह घटना अमरीका का लेटेस्ट/ताजा ड्रामा है,कोई पुराना नहीं। इसमें, अमरीका ने ईरान के अंदर से एक गिरे हुए F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट के लापता एयरमैन (वेपन सिस्टम ऑफिसर) को बचाया। यह एक बहुत ही हाई-रिस्क स्पेशल फोर्सेज रेस्क्यू मिशन था। खास घटनाएं शुक्रवार (लगभग 3 अप्रैल 2026): ईरान (दक्षिण-पश्चिम इलाका, इस्फ़हान के पास) में एक अमेरिकन F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को ईरानी एयर डिफेंस ने मार गिराया। दोनों क्रू मेंबर (पायलट और वेपन ऑफिसर) बाहर निकल गए। पायलट को उसी दिन बचा लिया गया, लेकिन दूसरा एयरमैन (जिसे कर्नल भी कहा जाता है) लापता रहा और ईरानी इलाके में छिपा हुआ था। वह एक पहाड़ी घाटी में छिपा हुआ था, पूरी आज़ादी से और SERE ट्रेनिंग का इस्तेमाल करके बच गया। ईरान ने उसके लिए इनाम (लगभग $66,000) की घोषणा की और लोगों से उसे ढूंढने को कहा। रविवार (5 अप्रैल): अमरीका स्पेशल फोर्सेज (यानी नेवी सील्स) ने एक हाई-रिस्क रेड की। CIA ने एक धोखा देने वाला कैंपेन चलाया (झूठ फैलाया कि उसे पहले ही बचा लिया गया है), एयर स्ट्राइक किए और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का इस्तेमाल किया। एयरमैन को बचाया गया और कुवैत ले जाया गया (वह गंभीर रूप से घायल था लेकिन ठीक हो रहा है)। इस मिशन में सैकड़ों सैनिक, हेलीकॉप्टर और एयरक्राफ्ट शामिल थे। वापस आते समय, रेस्क्यू टीम को टेक्निकल दिक्कतों की वजह से दो ट्रांसपोर्ट प्लेन (C-130) छोड़ने पड़े और ईरानियों तक न पहुँचने के लिए उन्हें मार गिराया गया। ईरान का दावा है कि उसने अमरीका एयरक्राफ्ट को मार गिराया, लेकिन अमरीका इससे इनकार करता है। इस मिशन को एक बड़ी कामयाबी माना जाता है क्योंकि अमरीका अपने सैनिकों को पीछे नहीं छोड़ता। ट्रंप ने इसे “हिम्मत” और “चमत्कार” कहा। इसकी तुलना 1980 के नाकाम ऑपरेशन ईगल क्लॉ (ईरान होस्टेज रेस्क्यू) से भी की जा रही है, जो नाकाम रहा था। क्या अमरीका ईरान के अंदर मिलिट्री बेस बनाने गया था? इस बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं है। यह एक अफवाह या ईरानी प्रोपेगैंडा लगता है। रेस्क्यू मिशन के लिए, उन्होंने कुछ समय के लिए लैंडिंग/निकासी के लिए एक दूर के इलाके का इस्तेमाल किया, लेकिन इसका मकसद बेस बनाना नहीं था। यह सिर्फ़ बचाव के लिए था। अभी, अमरीका ईरान के साथ युद्ध में है, लेकिन ईरान के अंदर परमानेंट बेस बनाने का कोई पब्लिक प्लान नहीं है। यह घटना बहुत हाल की है, इसलिए कुछ डिटेल्स बदल सकती हैं।
🍳*हरबंस सिंह, एडवाइजर*✍️
शहीद भगत सिंह एसोसिएशन पंजाब,
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