उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत।विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट बुक की जारी।जाने क्या बदला।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन के मामले में बड़ी राहत देते हुए नई कॉस्ट डाटा बुक जारी की है। गुरुवार को नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सदस्य संजय कुमार सिंह ने नई कॉस्ट डाटा बुक जारी की। अब नया बिजली कनेक्शन लेने में आसानी रहेगी।
कंज्यूमर राइट्स रूल 2020 की धारा 4 (उपधारा 13) के तहत कॉस्ट डाटा बुक को नए स्वरूप में अंतिम रूप दिया गया है। इससे बिजली कनेक्शन से जुड़ा एस्टीमेट सिस्टम खत्म होगा। नई व्यवस्था में प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी राशि, मीटरिंग चार्ज सहित सभी शुल्क एकमुश्त तय कर दिए गए हैं। उपभोक्ता को केवल निर्धारित राशि जमा करनी होगी, शेष सभी तकनीकी व्यवस्थाएं विद्युत विभाग स्वयं करेगा।
इसी तरह सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज में भी दूरी के अनुसार शुल्क तय किया गया है। निकटतम पोल से 100 मीटर तक की दूरी पर 1000 से 1500 रुपये तक का चार्ज देना होगा, जबकि 100 मीटर से अधिक और 300 मीटर तक की दूरी पर 1425 रुपये से लेकर 6500 रुपये तक का शुल्क तय किया गया है।नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवाट तक और 300 मीटर दूरी तक अब अलग से लाइन एस्टिमेट नहीं बनेगा। प्रोसेसिंग फीस और सिक्योरिटी राशि अलग से देनी होगी।अविद्युतीकृत कालोनियों में यह नियम लागू नहीं होगा।
नई कॉस्ट डाटा बुक में उत्तर प्रदेश विद्युत आयोग के कई प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया गया है।स्मार्ट प्रीपेड मीटर (सिंगल फेस)की कीमत ₹6,016 से घटाकर अब ₹2,800 कर दी गई है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर (थ्री फेस)की कीमत ₹11,342 से घटकर ₹4,100 रह गई है। उपभोक्ता चाहें तो मीटर की लागत किस्तों में भी दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, ₹2,800 में से ₹1,000 अग्रिम देकर शेष राशि 24 महीनों की किस्तों (लगभग ₹84 प्रति माह) में दी जा सकती है।