'पायलट छुड़ाने नहीं, यूरेनियम चुराने आए थे अमेरिकी', सीजफायर पर बोला ईरान-पाकिस्तान से पूछ लो शर्तें
Iran-US War Update: ईरान-अमेरिका युद्ध में जहां
तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान मिलकर दोनों देशों को वार्ता की टेबल तक लाना चाहते हैं, वहीं तेहरान का रुख इस मामले में बेहद साफ है. वो 45 दिन के सीजफायर पर मानने को तैयार नहीं है और न ही वो होर्मुज को खोलने पर कोई बात कर रहा है. यहां तक कि अब तो ईरान का दावा है कि वो अमेरिका की हर चाल समझता है. उसने आरोप लगाया है कि पायलट को बचाने का इश्फहान मिशन तो बहाना था, अमेरिका का असल मकसद तो ईरान के संवर्धित यूरेनियम तक पहुंचने का था, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.