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हिण्डालको की बड़ी लापरवाही उजागर: सालों से मुआवजे के लिए भटक रहे ग्रामीण, हर बार मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खान प्रभाग सामरी में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। लीज एरिया में आने वाली जमीनों का एग्रीमेंट तो कंपनी द्वारा जमीन मालिकों से कर लिया गया, लेकिन समय पर मुआवजा भुगतान नहीं मिलने से जमीन मालिकों को कंपनी के दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय हैं की हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खान प्रभाग सामरी, नियमित रूप से बॉक्साइट का दोहन कर मालामाल हो रही है। तो वहीं जिनकी जमीन पर बॉक्साइट है। उन्हें समय पर मुआवजा नहीं दिए जाने से आर्थिक भार झेलना पड़ रहा है.

जानकारी के अनुसार, कई ग्रामीणों को पिछले दो से चार वर्षों से उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजे की आस में ग्रामीणों को बार-बार लंबी दूरी तय कर विकासखंड कुसमी स्थित कंपनी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। हिंडाल्को जैसी बड़ी कंपनी की इस प्रकार की लापरवाही न सिर्फ ग्रामीणों के अधिकारों का हनन है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

तारीख पर तारीख..?

कम्पनी के कार्यालय पहुचे ग्रामीणों का कहना हैं कि जब भी वे कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से मुआवजे के संबंध में चर्चा करने पहुंचते हैं, उन्हें केवल “तारीख पर तारीख” दी जाती है। समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें अगले दिन या फिर किसी और तारीख पर बुलाकर वापस भेज दिया जाता है। करीब एक वर्ष पूर्व उन्होंने विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया था, ताकि उन्हें समय पर मुआवजा मिल सके। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि आवेदन की कॉपी पर उन्हें कोई रिसीविंग तक नहीं दी गई। अधिकारियों द्वारा यह कहकर वापस भेज दिया गया कि “आवेदन दे दिए हो तो सीधे पैसा ले जाना, रिसीविंग की जरूरत नहीं है।” इसके बावजूद आज तक किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया।

6 अप्रैल 2026 सोमवार को एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर ग्राम पंचायत दात्रम के आसानपानी निवासी बिल्कु नगेसिया, डूमरखोली पश्चिमपारा के वसुदेव बृजिया, बैगापारा के लाल बहादुर, रोहन नगेसिया, थान टोली के महावीर नगेसिया और टंगन नगेसिया हिण्डालको कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते हुए मुआवजे की राशि तत्काल देने की मांग की। लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। बल्कि दूर -दराज से पहुचे मुआवजा हकधारीयों को एक बार फिर बिना समाधान के ही वापस लौटना पड़ा और उन्हें अगली तारीख करीब 15 दिन बाद आने को कहा गया।

इस पर सवाल हैं की जिस तरह न्यायालय में मामलों की सुनवाई के लिए “तारीख पर तारीख” मिलती है, उसी तरह अब मुआवजे के लिए भी उन्हें बार-बार तारीख दी जा रही है, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। मुआवजाधारियों में एक बुजुर्ग वृद्धा अवस्था में हाथ पर लाठी थामे पहुँचे जिसने अपना नाम टंगन बताते हुवे कहा की उसे करीब 3-4 वर्ष से मुआवजा का राशि प्राप्त नहीं हुवा हैं। बुजुर्ग व्यक्ति के हालात को देखकर भी हिण्डालको के कर्मचारीयों को दया नहीं आई जिसे भी तारीख पर तारीख देकर दफ्तर का चक्कर लगाने को कहा गया।

एसडीएम ने कहा...

उक्त विषय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुसमी अनमोल विवेक टोप्पो ने कहा यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है जैसे ही किसी प्रकार का आवेदन आता है तो इस ओर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। वहीं उक्त विषय पर जब हिण्डालको का पक्ष लेना चाहा गया तो सभी संपर्क से बाहर हो गए।

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