*राघव चड्ढा की आम आदमी पार्टी में कथित खटपट के बीच उनकी “री-लॉन्च” रणनीति चर्चा में है। पिछले तीन-चार महीनों में उनकी गतिविधियों में स्पष्ट बदलाव दिखा
*राघव चड्ढा की आम आदमी पार्टी में कथित खटपट के बीच उनकी “री-लॉन्च” रणनीति चर्चा में है। पिछले तीन-चार महीनों में उनकी गतिविधियों में स्पष्ट बदलाव दिखा है। उनकी बातों को एक विशेष टीम द्वारा सोशल मीडिया, टीवी और अखबारों में प्रमुखता से उभारा गया, जिससे उनकी छवि एक बड़े चेहरे के रूप में पेश हुई। इस रणनीति ने उन्हें “होली काउ सिंड्रोम” जैसा राजनीतिक संरक्षण भी दिलाया। सवाल उठता है कि क्या यह सब अरविंद केजरीवाल के कोर्ट फैसलों के बाद मिली बढ़त को संतुलित करने और पंजाब में पार्टी पर नियंत्रण बनाए रखने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।*