हिनौती डिपो में श्रमिकों का विस्फोटक प्रदर्शन, वेतन-ओवरटाइम घोटाले पर फूटा गुस्सा
मिर्जापुर ( पड़री/पहाड़ी ):- इंडियन ऑयल के हिनौती डिपो पर सोमवार को श्रमिकों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर उतर आया। महीनों से वेतन और ओवरटाइम भुगतान में हो रही देरी से त्रस्त मजदूरों ने डिपो के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन और ठेकेदार कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
श्रमिकों का साफ आरोप है कि उनसे दिन-रात काम लिया जा रहा है, लेकिन मेहनत की कमाई समय पर नहीं दी जा रही। ओवरटाइम कराने के बावजूद उसका भुगतान तक दबा लिया जाता है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूरों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने खास तौर पर डिपो में काम कर रही चार प्रमुख कंपनियों—डीएस, अरुण, आदर्श और एनएच—पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ये कंपनियां श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। न समय पर वेतन, न ओवरटाइम का हिसाब और न ही कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएं—मजदूरों का शोषण चरम पर है।
मामले की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और श्रमिकों को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने जल्द समाधान का भरोसा देकर किसी तरह मामला शांत कराया, लेकिन श्रमिकों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
श्रमिकों की दो टूक चेतावनी:
“अगर हक नहीं मिला तो काम ठप होगा, और आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।”
यह पूरा मामला श्रमिकों के अधिकारों और ठेकेदारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और प्रबंधन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं।