बांदा में खौफनाक वारदात: बहु को जिंदा फूंकने वाले दरिंदों पर कब चलेगा योगी का बुलडोजर?
बांदा में मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक बेबस बाप अपनी मासूम नातिन को गोद में लिए और परिवार के साथ न्याय की भीख माँगने एसपी दफ्तर की चौखट पर खड़ा है। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसकी लाड़ली को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने पति, सास, ससुर, ननद और देवर समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिसिया कार्रवाई में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 5 आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर खुलेआम घूम रहे हैं।
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब मुख्य आरोपी यानी मृतका के पति को इलाज के बहाने कानपुर रेफर कर दिया गया। पीड़ित पिता का कहना है कि यह पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने की एक चाल है। उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष रसूखदार है और अपनी पहुँच का फायदा उठा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि फरार आरोपी पुलिस के खौफ से बेपरवाह होकर पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। पिता ने सिसकते हुए बताया:
"वे हमें रोककर कह रहे हैं कि केस वापस ले लो, नहीं तो जैसे तुम्हारी बेटी को जलाया है, वैसे ही तुम सबको भी बीच सड़क पर मारकर फेंक देंगे।"
डर के मारे यह परिवार दर-दर भटक रहा है और अपने ही घर जाने से कतरा रहा है।
गुस्साए परिजनों ने प्रशासन से सीधे तौर पर बुलडोजर कार्रवाई की माँग की है। उनका दावा है कि इन दरिंदों ने सरकारी पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जा करके अपना साम्राज्य खड़ा किया है। परिवार की दो टूक माँग है— "हमारी बेटी को जलाया है, अब इनके अवैध मकानों को जमींदोज किया जाए और मुख्य हत्यारों को फाँसी के फंदे तक पहुँचाया जाए।"
एडिशनल एसपी ने परिवार को आश्वासन तो दिया है, लेकिन सवाल वही है— क्या बांदा पुलिस इन फरार 5 गुनहगारों को दबोच पाएगी? या फिर पीड़ित परिवार यूँ ही धमकियों के साये में जीने को मजबूर रहेगा?