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प्रयागराज: गंगा का जलस्तर बढ़ने से फाफामऊ-तेलियरगंज पांटून पुल डूबे, आवागमन पूरी तरह ठप

समाचार रिपोर्ट
​प्रयागराज/कौशाम्बी
रिपोर्ट: सैय्यद इस्लाम अहमद
​गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी ने प्रयागराज और कौशाम्बी के तटीय इलाकों में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण फाफामऊ और तेलियरगंज के बीच बने दोनों पांटून पुलों (पीपे के पुल) से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
​पुलों की वर्तमान स्थिति:
​पहला पुल: फाफामऊ-तेलियरगंज पांटून पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा के बढ़ते जलस्तर में डूब चुका है।
​दूसरा पुल: सुरक्षा की दृष्टि से तेलियरगंज-फाफामऊ मार्ग के दूसरे पांटून पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। विभाग ने इस पुल की चकर्ड प्लेटों को भी हटाना शुरू कर दिया है ताकि उन्हें बहने से बचाया जा सके।
​खेती को भारी नुकसान:
कानपुर बैराज से बीते 25 मार्च को 16,229 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से ही नदी के जलस्तर में तेजी देखी जा रही थी। इसका सीधा असर कौशाम्बी और प्रयागराज के कछारी इलाकों में हो रही खेती पर पड़ा है। पानी खेतों में घुसने से कछारी फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक चपत लगी है।
​राहगीरों की मुश्किलें:
स्थानीय लोगों और प्रतिदिन आवागमन करने वालों के अनुसार, बीते गुरुवार को बेला कछार में बिछाई गई चकर्ड प्लेटें डूब गई थीं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तीन दिन पहले ही दूसरे पांटून पुल को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मार्ग बंद होने से अब लोगों को फाफामऊ से शहर आने के लिए लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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