logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

विषय: मजदूरों का हक और शिक्षा का अधिकार: इंसाफ मंच एनजीओ ने उठाई बुलंद आवाज" अहमदाबाद: इंसाफ मंच एनजीओ (IMO) के संस्थापक और अध्यक्ष शेख अब्दुल समद न

विषय: मजदूरों का हक और शिक्षा का अधिकार: इंसाफ मंच एनजीओ ने उठाई बुलंद आवाज"

अहमदाबाद:

इंसाफ मंच एनजीओ (IMO) के संस्थापक और अध्यक्ष शेख अब्दुल समद ने देश के मजदूरों की दयनीय स्थिति और शिक्षा के बाजारीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और राजनीतिक दलों से कड़े सवाल पूछे हैं।

प्रमुख बिंदु:

मजदूरों की आर्थिक बदहाली: शेख अब्दुल समद ने कहा कि ₹10,000–₹15,000 की मामूली तनख्वाह में आज के दौर में परिवार पालना नामुमकिन है। उन्होंने मांग की है कि कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों का न्यूनतम वेतन कम से कम ₹30,000 तय किया जाना चाहिए।
शिक्षा पर संकट: उन्होंने निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस पर हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा अब 'अधिकार' नहीं बल्कि 'व्यापार' बन गई है। मध्यम और गरीब वर्ग के बच्चे पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं।
सरकारी सिस्टम में सुधार की मांग: संस्था ने सरकार से अपील की है कि सरकारी स्कूलों को इतना मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए कि किसी भी बच्चे को पैसों के अभाव में पढ़ाई न छोड़नी पड़े।
"कंपनियों को सिर्फ मुनाफा नहीं, मजदूरों को उनका हक और इंसाफ भी देना होगा। अगर देश का युवा पढ़ेगा और मजदूर खुशहाल होगा, तभी गुजरात और हिंदुस्तान की असली प्रगति होगी।"

शेख अब्दुल समद (Founder & President, Insaaf Manch NGO)
#InsaafManchNGO #LabourRights #EducationForAll #JusticeForPoor #Ahmedabad #GujaratProgress #shaikhabdulsamad

3
201 views

Comment