नेठराना अभिषेक हत्याकांड में संदिग्धों का होगा नार्को टेस्ट
नेठराना (विनोद खन्ना)अभिषेक हत्याकांड: संदिग्धों का होगा नार्को टेस्ट हनुमानगढ़ जिले के बहुचर्चित अभिषेक हत्याकांड में पुलिस अब वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लेने जा रही है। घटना के करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिसके कारण अब संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है।मुख्य बिंदु:•घटना की पृष्ठभूमि: गांव नेठराना के 12 वर्षीय बालक अभिषेक का शव 10 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में एक कुएं में मिला था।•जांच की स्थिति: पुलिस लगातार परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक कोई निर्णायक सबूत या सीसीटीवी फुटेज में दिखी बाइक का सुराग नहीं मिल पाया है।•पुलिस का कदम: एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। पारंपरिक जांच में सफलता न मिलने के कारण अब चिन्हित लोगों को नोटिस जारी कर उनका नार्को टेस्ट कराया जाएगा।•पुरानी घटना का जिक्र: रिपोर्ट में 21 जून 2009 की एक पुरानी घटना (चक राजासर हत्याकांड) का भी उल्लेख है, जिसमें चार लोगों की हत्या के मामले में भी नार्को टेस्ट हुआ था, लेकिन उसका खुलासा नहीं हो पाया था।भास्कर एक्सपर्ट की राय:
अखबार के एक्सपर्ट कॉलम के अनुसार, नार्को टेस्ट बिना सहमति के नहीं किया जा सकता। यह जांच में दिशा तय करने में सहायक हो सकता है, लेकिन इसे अदालत में अंतिम सबूत नहीं माना जाता। केस को सुलझाने के लिए तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और फॉरेंसिक प्रमाण ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।