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आकस्मिक वर्षा-ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलें, नुकसान से किसानों में छाई मायूसी।

छबड़ा, 4 अप्रैल 2026: छबड़ा क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक आई वर्षा और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सायंकाल लगभग 3 से 5 बजे के बीच मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ ओले गिरने से खेतों और खलिहानों में पड़ी तैयार फसलें बर्बाद हो गईं।भुवाखेड़ी और भीलवाड़ा ग्राम पंचायत सहित आसपास के गांवों में इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के लिए यह दिन किसी मातम से कम नहीं छोड़ा। गेहूं, चना और लहसुन जैसी तैयार फसलें खेतों में ही खराब हो गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर गहरी चिंता और मायूसी छा गई है।
किसानों का कहना है कि जब भी फसल पकने को तैयार होती है, तभी मौसम की मार झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों में धार्मिक आस्था होने के बावजूद बार-बार ऐसी आपदाएं किसानों के मनोबल को तोड़ रही हैं।
स्थानीय किसान बनवारी, रामस्वरूप और राजू सहित कई किसानों ने बताया कि पहले से ही फसल बीमा का मुआवजा नहीं मिला है, और अब इस नई आपदा ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे मंडी में उचित मूल्य मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
क्षेत्र में भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण भी नुकसान बढ़ा है। ग्राम पंचायत स्तर पर गोदाम या छायादार टीन शेड नहीं होने से किसान अपनी तैयार फसल को सुरक्षित नहीं रख पाते, जिससे ऐसी परिस्थितियों में भारी नुकसान उठाना पड़ता है।किसानों को अब यह चिंता सता रही है कि व्यापारी खराब फसल का फायदा उठाकर उन्हें औने-पौने दामों में खरीदेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी।किसानों की मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से फसल खराबे का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दे, बीमित और गैर-बीमित दोनों किसानों को राहत प्रदान करे तथा खराब फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को इस संकट से उबारा जा सके।

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