आठ साल की बालिका से दुष्कर्म करने और निर्मम हत्या में दोषी पाए गए सोरांव निवासी मुकेश पटेल को फांसी की सजा सुनाई गई है।
📰: आठ साल की बालिका से दुष्कर्म करने और निर्मम हत्या में दोषी पाए गए सोरांव निवासी मुकेश पटेल को फांसी की सजा सुनाई गई है।
सोमवार को पाक्सो अदालत के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए दोषी पर 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया।
इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित परिवार को सहायता राशि के रूप में दो लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। कहा कि यह मुआवजा दोषी पर लगाए गए जुर्माने के अतिरिक्त होगा।
अभियोजन के अनुसार, सोरांव थाना क्षेत्र में रहने वाली आठ साल की लड़की तीन अक्टूबर 2024 की शाम शिवगढ़ चौराहे के पास लगे पंडाल में दुर्गा पूजा देखने गई थी। इसके बाद लापता हो गई। अगले दिन उसका निर्वस्त्र शव खेत में मिला। बच्ची के शरीर पर क्रूरता के निशान मिले।
हाथ, पैर, दांत टूटे थे और मुंह से झाग निकला था। निजी अंग पर भी गहरी चोट थी। बच्ची के मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकेश पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। गवाहों के बयान के आधार पर आरोपित की गिरफ्तारी हुई।
18 महीनों में आ गया कोर्ट का फैसला
जांच में यह सिद्ध हुआ कि आरोपित ने हत्या, दुष्कर्म और गंभीर यौन उत्पीड़न का जघन्य अपराध किया है। अदालत ने 21 दिसंबर 2024 को आरोप तय किए और फिर सोमवार को घटना के 18 महीने के भीतर विशेष लोक अभियोजक विनय और आरोपित के अधिवक्ता को सुनकर, उपलब्ध सबूतों के अवलोकन के बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाया।