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अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया, एक क्रू सदस्य सुरक्षित मिला, दूसरे की तलाश जारी

ईरान के ऊपर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने की खबर सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार विमान में सवार दो क्रू सदस्यों में से एक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। लगभग पांच सप्ताह से चल रहे युद्ध के दौरान यह अपनी तरह की पहली घटना मानी जा रही है।

बताया गया है कि मार गिराया गया विमान F-15E स्ट्राइक ईगल था, जिसमें दो सीटें होती हैं — एक पायलट के लिए और दूसरी वेपन्स सिस्टम्स ऑफिसर (WSO) के लिए। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सुरक्षित मिले व्यक्ति की भूमिका क्या थी। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) और यूएस सेंट्रल कमांड ने इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

ईरानी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे संभावित जीवित बचे क्रू सदस्यों की तलाश में मदद करें। ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद प्रांत के गवर्नर ने कहा है कि जो भी व्यक्ति क्रू को पकड़ने या मारने में सफल होगा, उसे विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

इमेजरी विश्लेषक विलियम गुडहाइंड के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही विमान के मलबे की तस्वीरें F-15E स्ट्राइक ईगल से मेल खाती हैं।

इस घटना के बाद अमेरिका के लिए स्थिति और संवेदनशील हो गई है क्योंकि दुश्मन क्षेत्र में जीवित अमेरिकी सैनिक को सुरक्षित निकालना एक बड़ी सैन्य चुनौती माना जाता है। साथ ही, बचाव अभियान में शामिल सैन्य कर्मियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।

इस युद्ध के दौरान अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक घायल हुए हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान के पास अब भी बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन क्षमता मौजूद है। रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका अब तक ईरान के लगभग एक-तिहाई मिसाइल भंडार को नष्ट करने में सफल रहा है, जबकि शेष का आकलन जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी ऊर्जा संरचनाओं और अन्य ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है।

इस बीच, Reuters/Ipsos के एक हालिया सर्वे के अनुसार अमेरिका में यह युद्ध लोकप्रिय नहीं है। लगभग दो-तिहाई अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द इस संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता तलाशे, भले ही प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल न हों।

मध्य पूर्व में फैले इस युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। ऊर्जा कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

नोट: इस समाचार एवं चित्र का स्रोत Reuters है।

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