धनबाद में अवैध खनन और प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
धनबाद/रांची-:झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद में बढ़ते अवैध कोयला खनन और वायु प्रदूषण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की बेंच ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान धनबाद के उपायुक्त, एसएसपी, नगर आयुक्त, बीसीसीएल के सीएमडी और झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
धनबाद डीसी ने अदालत को बताया कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए ड्रोन सर्वे की पहल की गई थी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा निजता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए विरोध किए जाने के कारण इसे फिलहाल रोकना पड़ा। वहीं, बीसीसीएल अधिकारियों ने दावा किया कि कोयला ढुलाई के दौरान नियमों का पालन किया जा रहा है, जिसमें ट्रकों को ढंकना और नियमित पानी का छिड़काव शामिल है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जमीनी स्तर पर नियमों की अनदेखी हो रही है। कोयला ढोने वाले कई ट्रक बिना ढंके चलते हैं, जिससे सड़कों पर कोयला गिरता है और प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही अवैध ढुलाई और एक ही वाहन पर कई बार चालान काटने जैसी अनियमितताएं भी सामने आई हैं।
हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा उठाए गए कदम अक्सर केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं और धरातल पर ठोस कार्रवाई की कमी है।
अदालत ने धनबाद डीसी को निर्देश दिया है कि अवैध खनन और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए समग्र (कंप्रेहेंसिव) रिपोर्ट अगली सुनवाई तक प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 14 मई को होगी।