टीईटी अनिवार्यता के विरोध में 2000 शिक्षक दिल्ली रवाना, आज रामलीला मैदान में जुटेंगे लाखों शिक्षक
शाहजहांपुर।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में देशव्यापी शिक्षक आंदोलन को लेकर शाहजहांपुर से शुक्रवार शाम लगभग दो हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं दिल्ली के लिए रवाना हो गए। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर 4 अप्रैल को राजधानी के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इस विशाल प्रदर्शन में भाग लेने के लिए शिक्षक बस, कार और ट्रेन से कूच कर गए।
शिक्षकों का कहना है कि सेवा नियमावली के विपरीत टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किया जाना उनके साथ अन्याय है। उनका आरोप है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना नियमों के खिलाफ है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन में भाग लेने वालों में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मुनीश मिश्र, जिला मंत्री देवेश वाजपेई, मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी, रविन्द्र पाल प्रजापति, डॉ. विनय गुप्ता व प्रांतीय संगठन मंत्री अर्चना तिवारी समेत सभी ब्लॉकों के पदाधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मंगरे लाल, विश्राम सिंह, बृजेश कुमार वर्मा तथा बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में शिक्षक दिल्ली के लिए रवाना हुए।
शिक्षकों ने साफ किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में देशभर से लाखों शिक्षकों के जुटने की संभावना है, जिससे यह प्रदर्शन ऐतिहासिक रूप ले सकता है।