*डॉ अंबेडकर मॉडल स्कूल बाजितपुर-किलाघाट, वार्ड नंबर- 23, दरभंगा का वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित*
*डॉ अंबेडकर मॉडल स्कूल बाजितपुर-किलाघाट, वार्ड नंबर- 23, दरभंगा का वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित*
*प्रारंभिक शिक्षा जीवन की आधारशिला जो बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं चरित्र निर्माण की मजबूत नींव- डॉ चौरसिया*
*डॉ अंबेडकर मॉडल स्कूल की महिला शिक्षकों द्वारा बच्चों को शिक्षा के साथ ही सिखाई जाती है संस्कार एवं संस्कृति- डॉ प्रेम कुमारी*
दरभंगा के वार्ड नंबर-23, बाजितपुर- किलाघाट स्थित डॉ अंबेडकर मॉडल स्कूल का वार्षिकोत्सव समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित कर एक-एक बच्चे के वर्षभर की उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए छात्र-छात्राओं को परीक्षा में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर अगले वर्ग में प्रोन्नति दी गई तथा उनकी बेहतरी हेतु शिक्षकों एवं उनके माता-पिता के कर्तव्य और महत्व पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक उमाशंकर पासवान, सचिव डॉ प्रेम कुमारी, मुख्य अतिथि के रूप में ख्याति प्राप्त माय छोटा स्कूल, नई दिल्ली के दरभंगा-मैंटर डॉ आर एन चौरसिया, प्रिंसिपल ममता कुमारी, शिक्षक- प्रीति कुमारी, शिवांगी कुमारी, साइबा खातून, रामबालक कुमार तथा शिवम कुमार चौधरी, विशेष सहायक अमरजीत कुमार एवं नीतीश कुमार, समारोह सहायक आदित्य कुमार, आरुष कुमार, उमंग तेजस एवं रोहन कुमार सहित अनेकानेक अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित थे। समारोह में बच्चे- बच्चियों ने गीत, नृत्य, कविता पाठ, अभिनय आदि से लोगों का मन मोह लिया।
अभिभावकों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए सचिव डॉ प्रेम कुमारी ने 2020 में प्रारंभ किए गए इस स्कूल का इतिहास एवं उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि इस स्कूल में अभी प्री-नर्सरी से कक्षा 5 तक वर्ग संचालित होते हैं, हालांकि यह विद्यालय आठवीं क्लास तक सरकार से मान्यता प्राप्त है। यहां अधिकांश महिला शिक्षकों द्वारा ही बच्चों को शिक्षा के साथ ही संस्कार एवं संस्कृति भी सिखलायी जाती है। उन्होंने बताया कि यहां स्थित गुरुकुलम कोचिंग में संध्या 3 से 6 के बीच कक्षा 2 से 7 के छात्रों को कोचिंग भी कराई जाती है। साथ ही इच्छुक बच्चों को नवोदय, सैनिक, आर्मी, सिमुलतला, आर के मिशन आदि स्कूलों के कक्षा 6 में प्रवेश हेतु तैयारी भी कराई जाती है।
मुख्य अतिथि डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा मानव जीवन की आधारशिला है जो बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं चरित्र निर्माण की नींव रखनी है। गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा से ही समाज में खुशहाली आएगी तथा 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य सरकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा फाउंडेशन स्टेज के रूप में है जो बच्चों के मस्तिष्क विकास का आधार है क्योंकि 85% तक मस्तिष्क विकास 6 वर्ष तक में पूरा हो जाता है। डॉ चौरसिया ने कहा कि यह स्कूल बाजितपुर जैसे पिछड़े इलाके एवं लम्बे कोरोना महामारी काल के बावजूद काफी तेजी से आगे बढ़ा है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए स्कूल निदेशक उमाशंकर पासवान ने छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल में चलाए जा रहे गतिविधियों को विस्तार से बताते हुए कहा कि हमारे यहां बच्चे सहयोग, सेवा, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नैतिक मूल्य सीखते हैं जो जीवन भर उनके लिए उपयोगी होते हैं। कार्यक्रम का संचालन रोज पब्लिक स्कूल के शिक्षक अमरजीत कुमार ने किया।