रामपुर में एसपी विद्यासागर मिश्र की भावुक विदाई, नम आंखों के साथ दी गई सम्मानपूर्ण विदाई
रामपुर। जनपद रामपुर में लगभग डेढ़ वर्ष तक अपनी सेवाएं देकर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाले पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र का तबादला सीतापुर स्थित 11वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक पद पर हो गया है। उनके सम्मान में पुलिस लाइन रामपुर में एक गरिमामय एवं भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
विदाई समारोह के दौरान जैसे ही एसपी विद्यासागर मिश्र मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन यह उत्साह जल्द ही भावुकता में बदल गया, जब उनके साथ कार्य करने वाले पुलिसकर्मी, विशेषकर महिला सिपाहियां, अपने प्रिय अधिकारी के जाने की खबर से स्वयं को संभाल नहीं सकीं। कई महिला पुलिसकर्मी की आंखों से आंसू छलक पड़े और माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसमें तनु नाम की एक महिला सिपाही रोते हुए नजर आ रही है। इस पर एसपी विद्यासागर मिश्र ने बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ उसे दिलासा देते हुए कहा—“सुनो तनु, रोते नहीं बेटा... आता रहूंगा।” उन्होंने उसके सिर पर हाथ रखकर उसे शांत कराने का प्रयास किया। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू गया।
अपने अधीनस्थों को इस तरह भावुक होते देख स्वयं एसपी भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखें भी नम हो गईं। अपने विदाई संबोधन में उन्होंने कहा कि रामपुर उनके लिए सिर्फ एक पोस्टिंग नहीं, बल्कि एक परिवार रहा है, जहां उन्हें हर सहयोगी से अपनापन, सम्मान और सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में टीम वर्क सबसे महत्वपूर्ण होता है और रामपुर की टीम ने हर परिस्थिति में एकजुट होकर कार्य किया।
उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिसकर्मियों ने दिन-रात मेहनत की और हर चुनौती का डटकर सामना किया। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही भावना पुलिस विभाग की असली ताकत है।
समारोह के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने एसपी को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके कार्यकाल की सराहना की। कई अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि एसपी विद्यासागर मिश्र का नेतृत्व हमेशा प्रेरणादायक रहा और उन्होंने न केवल एक कुशल प्रशासक के रूप में कार्य किया, बल्कि एक संवेदनशील और सहज व्यक्तित्व के रूप में भी सभी के दिलों में अपनी जगह बनाई।
विदाई के इस अवसर पर पुलिस लाइन का वातावरण पूरी तरह से भावनाओं से भरा रहा। एक ओर जहां अधिकारी अपने अनुभव साझा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी अपने प्रिय अधिकारी के साथ बिताए पलों को याद कर भावुक हो रहे थे। यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि एक ऐसे रिश्ते की झलक बन गया, जिसमें सम्मान, विश्वास और अपनापन साफ तौर पर दिखाई दिया।
समारोह के अंत में सभी ने एसपी विद्यासागर मिश्र को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस भावुक विदाई ने यह साबित कर दिया कि जब एक अधिकारी अपने कार्य के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता देता है, तो वह अपने अधीनस्थों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लेता है।