नानक सोई दिनसु सुहावदा जीतु परभू आवै चीत ||
यह कहावत गुरु नानक देव जी की है। इसका सीधा सा मतलब है: “नानक, वह दिन सुहाना होता है, जिस दिन भगवान को याद किया जाता है।” जब भी हम अपने रोज़ के कामों में फंसे होते हैं, उस समय एक छोटी सी याद भी बहुत बड़ी चीज़ बन जाती है, भगवान की याद। उस एक पल में, वह दिन सबसे अच्छा बन जाता है, भले ही वह दिन बाहर से साधारण लगे। गुरु साहिब हमें इसके ज़रिए सिखाते हैं कि: खुशी का असली सोर्स बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि अंदर की याद में है। हर दिन थोड़ा सा भी मेडिटेशन करने से, वह दिन रंगीन हो जाता है। मतलब: जिस दिन भगवान आपके मन में आते हैं, उससे अच्छा कोई दिन नहीं होता। भगवान आपके मन में बसते रहें और आपका हर दिन सुहाना बना रहे। ||
बोलो वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह 🙏